KARMCHARI SANGH

KARMCHARI SANGH

NREGA KARMCHARI SANGH UTTAR PRADESH
Mr. Kamlesh Kumar Gupta - Pradesh Prabhari (Gram Rojgar Sevak Sangh U.P.)
Mr. Devendra Pratap Shahi - Pradesh Adhyaksha (Gram Rojgar Sevak Sangh U.P.)
Mr. Bhupesh Kumar Singh - Pradesh Mahamantri (Gram Rojgar Sevak Sangh U.P.)
Mr. Vishnu Pratap Singh - Pradesh Sangthan Mantri (Gram Rojgar Sevak Sangh U.P.)
Mr. Vinay Dwivedi- Pradesh Adhyaksha ( NREGA Karmik Sangh U.P.)
हमारा सन्देश

प्रिय साथियों व मित्रगण
नरेगा उत्तर प्रदेश कर्मचारी संघ आप का हार्दिक स्वागत व अभिनन्दन करता है


हम आप के आभारी है
यु० पी० नरेगा कर्मचारी संघ
हम सब एक है

हम सब एक है

उत्तर प्रदेश मनरेगा कर्मचारी संघ - जिंदाबाद- जिंदाबाद

New newsletter February 2013

नियमित करने सहित विभिन्न मांगों के समर्थन में मनरेगाकर्मी भी गुरुवार को हड़ताल पर चले गए। इस दौरान कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन किया। मांग पूरी न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी। कर्मचारियों की हड़ताल शुक्रवार को भी जारी रहेगी।

सैकड़ों की संख्या में मनरेगा कर्मचारी नरेगा वेलफेयर एसोसिएशन के बैनर तले एकत्रित हुए। इस दौरान सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। 22 फरवरी 2010 की लोक लेखा समिति की रिपोर्ट में मनरेगा के संविदा कर्मचारियों को नियमित करने का प्रस्ताव किया गया था लेकिन दो वर्ष गुजर जाने के बाद भी यह मामला संसद में लंबित है। मनरेगा नेशनल काउंसिल में संविदाकर्मियों को नियमित करने का प्रस्ताव रखा गया है। सरकार मौन साधे है। यदि बजट सत्र में नियमित नहीं किया गया तो हम आंदोलन तेज करेंगे। केंद्र के मंत्री मनरेगा को लेकर बड़ी-बड़ी बात करते हैं लेकिन मनरेगा से जुड़े कर्मचारियों को बंधुआ मजदूर बनाकर छोड़ दिया गया है
22.02.13 09:51
upmnrega

क्या हम नियमित होने योग्य है ?

हाँ (1618 | 89%)
नहीं (84 | 5%)
इस फार्म को सावधानी पूर्वक भरे तथा Submit करने के बाद ५-१० मिनट इंतज़ार करे जब तक की कन्फर्मेशन मैसेज न मिल जाये !
दोस्तों!
क्या आप ने मछली को तैरते हुए देखा है ?
शायद आप का जवाब हो, हाँ
पर हम यहाँ आप को अस्वस्त कर देना चाहते है की आप नदी,तालाब ,पोखरे
या अन्य किसी स्थल पर तैरते हुए मछली को देखे होंगे जो पूरी तरह स्वस्थ
और स्वतंत्र होती है,पर हमारी स्थिति इसके विपरीत चुल्लू भर पानी में तड़पने
वाली मछली के सामान है और ऊपर से यह चिलचिलाती धुप और चुल्लू भर
पानी को भी सुखाता ( अवशोषित करता ) हुआ सूर्य !
हम बात कर रहे है अपनी जिसे समुन्द्र नदी और तालाब तो नहीं मिला है
किन्तु भूख और पेट तो हमारे भी उन्ही मछलियों के सामान है, सच कहे तो आज
इस स्थिति में है की हमें विगत दिनों/महीनो से चुल्लू भर पानी भी नहीं मिल रहा है ,

" पर अब हम एक है और पुर्णतः संगठित है और हम इसी तरह मिल कर कार्य करते रहे तो वो दिन दूर नहीं जब नदी में तैरेंगे ही नहीं बल्कि समुन्द्र भी प्राप्त कर सकते है !"



MNREGA Karmchari sangh
Uttar Pradesh ( India )
 चल रहे कार्य :

चल रहे कार्य :

विभिन्न स्थलों पर चल रहे कार्यो की एक झलक
Name
Email
Comment
Or visit this link or this one